Tuesday, March 5, 2019

ईद मुबारक शायरी इमेज eid mubarak wishes in hindi shayari ईद मुबारक 2019

ईद मुबारक शायरी इमेज eid mubarak wishes in hindi shayari ईद मुबारक 2019

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है
राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है



ईद अब के भी गई यूँही किसी ने न कहा
कि तिरे यार को हम तुझ से मिला देते हैं


ऐ मोहब्बत
तुम्हारे मुस्कुराने का असर
मेरी सेहत पर होता है…
और लोग पुछते है,
दवा का नाम क्या है…


अंदाज कुछ अलग हैं,
मेरे सोचने का.!!!
सबको मंजिल का शोक हैं.!!
और मुझे सही रास्तों का.!!!
लोग कहते हैं, पैसा रखो, बुरे वक्त में काम आयेगा…
हम कहते है तेरा साथ रहा तो बुरा वक्त ही नहीं आयेगा.


ऐ चाँद तू किस मज़हब का है !!
ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा!!


देखा हिलाल-ए-ईद तो आया तेरा ख़याल
वो आसमाँ का चाँद है तू मेरा चाँद है


ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो
और कहियो कि कोई याद किया करता है


है ईद का दिन आज तो लग जाओ गले से
जाते हो कहाँ जान मिरी आ के मुक़ाबिल


ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का


ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम
रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है



माह-ए-नौ देखने तुम छत पे न जाना हरगिज़
शहर में ईद की तारीख़ बदल जाएगी


उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना
ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे


वादों ही पे हर रोज़ मिरी जान न टालो
है ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो


दिखा ईद का चाँद तो मांगी ये दुआ रब से,
दे दे तेरा साथ ईद का तोहफा समझ कर.


फ़लक पे चाँद सितारे निकलने हैं हर शब
सितम यही है निकलता नहीं हमारा चाँद


ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का,
ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का..


ईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिम
रस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी है


ज़माने भर की ईदों से मुझे क्या मतलब,
मेरा चाँद मिल जाये, मेरी ईद हो जाये.


ऐ रूठे हुवे दोस्त मुझे इतना बता दे,
क्या मुझ से गले मिलने का अब मन नहीं होता,
बच्चों की तरह दौड़ के आ सीने से लग जा,
ये ईद का दिन है कोई दुश्मन नहीं होता.


तेरे कहने पे लगायी है यह मेहँदी मैंने,
ईद पर अब न तू आया तो क़यामत होगी.


सोचा की किसी से बात करू,
अपने किसी खास को याद करू,
जब उठाया मोबाइल ईद की मुबारक बाद देने के लिए.
दिल ने ये कहा क्यों ना ये शुरुआत आप से करू


खुदा से यही दुआ है हमारी आप
सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल
दुनिया के सारे गम तुम्हें जाएं भूल
चारो तरफ फैलाओं खुशियों के गीत
इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हे मुबारक हो रमजान…
रहमतों की बारिश का महीना है दोस्तों,
ए मेरे मुल्क़ तुझको हो रमज़ान मुबारक़..


रात को नया चाँद मुबारक,
चाँद को चाँदनी मुबारक,
फलक को सितारे मुबारक,
सितारों को बुलन्दी मुबारक,


चुपके से चाँद की रौशनी छू जाये आपको;
धीरे से ये हवा कुछ कह जाये आपको;
दिल से जो चाहते हो मांग लो खुदा से;
हम दुआ करते हैं वो मिल जाये आपको।


दिए जलते और जगमगाते रहें;
हम आपको इसी तरह याद आते रहें;
जब तक जिंदगी है ये दुआ है हमारी;
आप ईद के चाँद की तरह जगमगाते रहें।


ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां;
ईद मिटा देती है इंसान में दूरियां;
ईद है ख़ुदा का एक नायाब तबारक;
और हम भी कहते हैं आपको "ईद मुबारक"


चाँद से रोशन हो रमजान तुम्हारा,
इबादत से भरा हो रोज़ा तुम्हारा,
हर रोज़ा और नमाज़ कबूल हो तुम्हारी,
यही अल्लाह से है, दुआ हमारी.


वादों ही पे हर रोज़ मिरी जान न टालो
है ईद का दिन अब तो गले हम को लगा लो

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